घुटने के दर्द में एक्यूप्रेशर चिकित्सा

 घुटने के दर्द में एक्यूप्रेशर चिकित्सा – 5 प्रमुख बिंदुओं के साथ प्राकृतिक राहत

घुटने का दर्द आज भारत में तेजी से बढ़ती वैलनेस समस्या बन गया है। युवा हों या बुजुर्ग, महिलाएँ हों या पुरुष—हर वर्ग इससे प्रभावित दिखाई देता है। खुर्जा जैसे सक्रिय शहर में सिरेमिक उद्योग, व्यापारिक दुकानों और घरेलू कार्यों में लोग लंबे समय तक खड़े रहते हैं या बार-बार बैठकर उठते हैं, जिससे घुटनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। परिणामस्वरूप अकड़न, सूजन और चलने में कठिनाई महसूस होने लगती है। ऐसे में एक्यूप्रेशर को एक सहायक और समग्र तकनीक के रूप में अपनाया जाता है।

एक्यूप्रेशर का उद्देश्य शरीर के विशेष ऊर्जा बिंदुओं को दबाव देकर नसों और मांसपेशियों की कार्यक्षमता में सहयोग करना है। यह पद्धति दर्द को कम महसूस कराने, रक्त संचार को बेहतर बनाने और मूवमेंट को आसान लगने में मददगार मानी जाती है। परंतु यह मुख्य चिकित्सकीय इलाज का विकल्प नहीं है; इसे फिजियोथेरेपी, व्यायाम और जीवनशैली सुधार के साथ जोड़ना सबसे उपयुक्त रहता है।

 घुटने का दर्द क्यों होता है

घुटना शरीर का सबसे बड़ा भार वहन करने वाला जोड़ है। इसमें फीमर, टिबिया, पटेला, मेनिस्कस, ACL-PCL लिगामेंट और आसपास की मांसपेशियाँ मिलकर काम करती हैं। दर्द के आम कारण हो सकते हैं:

ऑस्टियोआर्थराइटिस – कार्टिलेज का घिसाव

लिगामेंट स्ट्रेन या मोच

मोटापा – वजन से चार गुना दबाव

खेल-कूद की पुरानी चोट

गलत बैठक – पालथी, जमीन पर देर बैठना

कठोर सोल के जूते

बहुत अधिक सीढ़ियाँ

यूरिक एसिड या कैल्शियम की कमी

कारण अलग-अलग होने से लक्षण भी भिन्न रहते हैं। इसलिए किसी भी वैलनेस उपचार से पहले सही मूल्यांकन जरूरी है।

 लक्षणों की पहचान

बैठकर उठने में दर्द

सुबह अकड़न

नी-कैप के नीचे चुभन

घुटना लॉक होना

सूजन

पैर पर वजन न पड़ पाना

लंबी दूरी चलने में कठिनाई

यदि दर्द अचानक बहुत तेज हो जाए, चोट ताजा हो, या घुटना बिलकुल सीधा न हो पाए तो पहले अस्पताल में जाँच अनिवार्य है।

एक्यूप्रेशर क्या है और यह कैसे काम करता है

एक्यूप्रेशर पारंपरिक एशियाई चिकित्सा से आई तकनीक है, जिसमें सुई के बिना उँगलियों या पेन से दबाव दिया जाता है। आधुनिक दृष्टि से यह:

लोकल ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने

नर्व सिग्नल शांत करने

मसल टेंशन घटाने

दिमाग-शरीर समन्वय सुधारने

में सहयोग कर सकता है। यही कारण है कि घुटने के दर्द में इसे घरेलू राहत तकनीक की तरह देखा जाता है।

 घुटने के दर्द के लिए प्रमुख एक्यूप्रेशर बिंदु

1. ST-35 (डुबी बिंदु) – सामने दोनों ओर

एक्यूप्रेशर पॉइंट ST 35

यह बिंदु पटेला के ठीक नीचे, घुटने के जोड़ की रेखा में दोनों ओर छोटे गड्ढे में स्थित होता है।

दबाव विधि:

सामने बैठकर पैर हल्का मोड़ें

अंगूठे से मध्यम दबाव 60–90 सेकंड

गोल-गोल मसाज

संभावित उपयोग: चलने की जकड़न, फ्रंट नी-पेन।

 2. GB-34 – घुटने के बाहर

एक्यूप्रेशर पॉइंट GB 34

फिबुला हड्डी के नीचे बाहरी साइड पर।

दबाव: एक्यूप्रेशर पेन/उँगली 60 सेकंड।

संभावित उपयोग: लिगामेंट रिलैक्सेशन, साइड दर्द।

3. SP-9 – अंदरूनी साइड

टिबिया के किनारे।

संभावित उपयोग: सूजन और भारीपन।

4. LV-8 – घुटने के पीछे

पीछे फोल्ड में।

संभावित उपयोग: रक्त संचार।

5. KI-10 – पीछे अंदर

संभावित उपयोग: कमजोरी से जुड़ा दर्द।

6. Xiyan (एक्स्ट्रा पॉइंट)

नी-कैप के नीचे दोनों ओर।

जरूरी बात: किसी भी बिंदु पर दबाव से दर्द न बढ़े। तेज चुभन हो तो रोक दें।

 घर पर एक्यूप्रेशर करने की सही विधि

पहले 5 मिनट गर्म पानी से सेंक

हाथ और उपकरण साफ

आराम की स्थिति

प्रत्येक बिंदु 60–90 सेकंड

दिन में 1–2 बार

 सहायक जीवनशैली

सॉफ्ट सोल के जूते

हाई कमोड उपयोग

पालथी कम

भारी बोझ सीमित

पानी 2.5 लीटर

सुबह धूप में वॉक

कपल ब्रिस्क वॉक

 योग और स्ट्रेचिंग

ताड़ासन

सेतुबंध

एयर साइकिलिंग

क्वाड्रिसेप-हैमस्ट्रिंग स्ट्रेच

वज्रासन 2–3 मिनट

 भारतीय आहार

हल्दी

अदरक

अलसी

आंवला

दालें

नमक कम

जंक फूड कम

गर्म और ठंडा सेक

पहले 48 घंटे ठंडा, फिर गर्म।

बुजुर्ग और स्पोर्ट्स पर्सन

हल्का दबाव, रिकवरी टूल।

महिलाओं में घुटने का दर्द

हार्मोनल बदलाव में भी जोड़ कमजोर पड़ते हैं; कैल्शियम-धूप जरूरी।

 एक्यूप्रेशर कब न करें

फ्रैक्चर

ताजा चोट

बहुत ज्यादा सूजन

ऑपरेशन के बाद

बुखार

ब्लड थिनर दवा

वैज्ञानिक पक्ष और भ्रांतियाँ

WHO इसे वैलनेस सपोर्ट मानता है; “5 मिनट में 100% इलाज” जैसे दावे गलत हैं।

वैलनेस सेंटर चुनने के नियम

हाइजीन, प्रशिक्षित विशेषज्ञ, डॉक्टर की सलाह का सम्मान।

 निष्कर्ष

एक्यूप्रेशर घुटने के दर्द में सहायक तकनीक है; गंभीर लक्षणों में मेडिकल इलाज सर्वोपरि है।

Disclaimer

एक्यूप्रेशर वैलनेस सपोर्ट पद्धति है। किसी भी रोग के निदान व उपचार से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श लें। गंभीर दर्द, अचानक सूजन, घुटना लॉक होना या चोट की स्थिति में तुरंत अस्पताल से संपर्क करें। यह ब्लॉग व्यक्तिगत चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं है।

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